उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने ली जिला स्थाई समिति की बैठक

नारनौल, 18 जून(परमजीत सिंह/गजेन्द्र यादव)।
लिंगानुपात पर बारीकी से नजर रखेगी समिति

यूएसजी, एमटीपी, और आईवीएफ केंद्रों पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी : डीसी डॉ विवेक भारती

उपायुक्त डॉ. विवेक भारती की अध्यक्षता में आज लघु सचिवालय में हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिंगानुपात में सुधार लाने के उद्देश्य से गठित जिला स्थायी समिति की बैठक हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार गठित यह समिति लिंगानुपात पर बारीकी से नजर रखेगी और इसे बेहतर बनाने के लिए रणनीति तैयार करेगी।
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने बैठक के दौरान समिति के सदस्यों की जिम्मेदारियां तय करते हुए निर्देश दिए कि समिति की बैठकें हर महीने अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों की कार्यवाही और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट हर महीने की 10 तारीख तक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और सचिव को प्रस्तुत करनी होगी।
डॉ. भारती ने यह भी बताया कि बैठक में पीएनडीटी, एमटीपी और एआरटी अधिनियमों के प्रावधानों के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि जिले में लिंगानुपात के रुझान की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके लिए एचएमआईएस पोर्टल, सीआरएस पोर्टल और एएनएम रजिस्टर से जन्म के समय लिंगानुपात के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया जाएगा।
इस अवसर पर उपायुक्त ने अधिकारियों को जिले में स्थित यूएसजी केंद्रों, एमटीपी केंद्रों और आईवीएफ केंद्रों की नियमित निगरानी और आकस्मिक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा अधिकारी समय-समय पर आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरपंच तथा ग्राम सचिव की बैठक लेते रहें।
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने समिति के कार्यों तथा जिम्मेदारी के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी संगीता यादव तथा डॉ विजय यादव के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

लिंग जांच की सूचना पर एक लाख रुपए का ईनाम

उपायुक्त डॉ विवेक भारती ने बताया कि लिंग जांच (भ्रूण लिंग परीक्षण) की सूचना देने पर एक लाख रुपए का इनाम दिया जाता है। इसमें रेड सफल पर डिकाय पैसेंट को 30 हजार रुपए मिलेंगे। यह ईनाम राशि उन लोगों को मिलती है जो अवैध लिंग जांच या गर्भपात करने वालों के बारे में सटीक जानकारी देते हैं, जिससे उन पर कार्रवाई की जा सके। इसके लिए टोल फ्री नंबर 104 पर सूचना दी जा सकती है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब एमटीपी के संबंध में भी जानकारी देने वाले नागरिक को 10 हजार रुपए ईनाम मिलेगा तथा डिकाय पैसेंट को 25 हजार रुपए मिलेंगे।

*-सहेली कार्यक्रम के जरिए गर्भवती महिलाओं को मिल रही समर्पित देखभालकर्ता*

डीसी डॉ विवेक भारती ने बताया कि
हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग ‘सहेली’ कार्यक्रम चला रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और गर्भवती महिलाओं को सहायता प्रदान करना है। इस पहल के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला को एक समर्पित देखभालकर्ता मिलती है, जो या तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आशा होती है। ये ‘सहेली’ गर्भावस्था के शुरुआती चरणों से लेकर सुरक्षित प्रसव तक महिला को निरंतर भावनात्मक और स्वास्थ्य संबंधी सहायता देती हैं। कार्यक्रम का लक्ष्य लिंग-आधारित भेदभाव को समाप्त करना और पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है।

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