स्वस्थ्य जीवन के साथ सुरक्षित भविष्य का आधार है योग

महेंद्रगढ़,18जून(परमजीत सिंह/शैलेन्द्र सिंह)।
हकेवि में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के अंतर्गत दाखिले की प्रक्रिया जारी

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए सत्र 2025-26 के दाखिले की प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत सीयूईटी (पीजी) 2025 के विद्यार्थी आगामी 23 जून तक पंजीकरण करा सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के कारण हकेवि में उपलब्ध एम.एससी. योग पाठ्यक्रम एक बेहतर रोजगारपरक विकल्प है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार का कहना है कि जिस तरह से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग की ख्याति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुई है उसे देखते हुए इस क्षेत्र में ऐसे अनेकों आयाम उपलब्ध हैं। आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रति वर्ष की भांति समूचे विश्व में बडे़ ही उत्साह के साथ मनाया जाने वाला है। ऐसे में जब बात योग के जीवन में महत्त्व की हो तो यह कहना एकदम उचित होगा कि युवा योग के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को हासिल कर सकते हैं। 
विश्वविद्यालय में योग विभाग के प्रभारी डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि परंपरागत योग जिस तरह से ग्लोबल हुआ है उसे देखते हुए न सिर्फ योग प्रशिक्षक बल्कि इससे जुडे़ अन्य कई कार्यक्षेत्र ऐसे है जहां भविष्य निर्माण की संभावनाएं उपलब्ध है। अब योग केवल क्रियात्मक प्रयास या व्यायाम तक ही सीमित नहीं रहा है इसके प्रचार-प्रसार के परिणाम स्वरूप यह एक इंडस्ट्री के रूप विकसित हो चुका है। आज के समय में इस क्षेत्र में युवा योग शिक्षक, योग ट्रेनर, योग थेरेपिस्ट  के रूप में अपना भविष्य बना सकते हैं।
जहां तक बात हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की है यहां विद्यार्थियों को योग की पढ़ाई के साथ-साथ उसका व्यावहारिक प्रयोग भी सिखाया जाता है। आगामी 21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत योग विभाग के विद्यार्थी, शोद्यार्थी विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार के मार्गदर्शन में स्थानीय करीब 20 स्थानों पर आमजन को योग के माध्यम से स्वस्थ्य जीवन का मंत्र प्रदान करने में जुटे हैं। इन प्रायोगिक शिविरों में हमारे योग साधक प्रतिभागियों को न सिर्फ योग क्रियाओं का ज्ञान दे रहे हैं बल्कि उनके माध्यम से होने वाले लाभों से भी अवगत करा रहे हैं। डॉ. नवीन कहते हैं कि जिस तरह से योग ने महज एक दशक में ही योग अंतरराष्ट्रीय मंच ख्याति प्राप्त की है उसके परिणामस्वरूप इसमें उपलब्ध रोजगार की आपार अवसरों के लाभ उठाने के लिए भविष्य में भारी संख्या में योग्य मानव संसाधन की आवश्यकता है जिसे योग पाठ्यक्रम का अध्ययन कर प्राप्त किया जा सकता हैं। दाखिले के इच्छुक पात्र अभ्यर्थी http://cuhcuet.samarth.edu.in/pg/index.php के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। विस्तृत विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.cuh.ac.in पर उपलब्ध है।

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