महेंद्रगढ़,30जून (शैलेन्द्र सिंह)।
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के 28 मार्च 2025 के आदेश के अनुसार, हरियाणा डिस्कॉम्स की टैरिफ याचिका पर विभिन्न श्रेणियों के लिए बिजली की दरों में अप्रैल 2025 से संशोधन किया गया है।
यह वित्तीय वर्ष 2017-18 के बाद पहली टैरिफ वृद्धि है, जो सात साल के अंतराल के बाद हुई है, जबकि बिजली खरीद लागत और परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है।
हाल ही में, कुछ लोगों द्वारा यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है की बिजली बिल 4 गुना तक बढ़ गए है, यह दावे पूरी तरह गलत है।
बिजली के बिलों का मूल्यांकन पिछले वर्ष के उसी महीने के हिसाब से किया जाना चाहिए, क्योंकि यह समान खपत पैटर्न को दर्शाता है। टैरिफ वृद्धि न्यूनतम और जायज़ रखी गयी है।
हरियाणा में घरेलू श्रेणी के लिए निश्चित शुल्क (फिक्स्ड चार्जेस) जीरो रुपये से 75 रुपये/किलोवाट तक और उच्चतम ऊर्जा स्लैब 7.50 रुपये/ यूनिट पर बनाए रखा गया है। जबकि, इसके विपरीत, पड़ोसी राज्यों में निश्चित शुल्क 110 रुपये/किलोवाट तक और ऊर्जा शुल्क 8 रुपये/यूनिट तक है।
