आर्य समाज मंदिर में हुआ यज्ञ

महेंद्रगढ़ ,6 जुलाई (परमजीत सिंह)।
वेद प्रचार मंडल जिला महेंद्रगढ़ के प्रधान डॉक्टर प्रेम राज आर्य की अध्यक्षता में एवं आर्य समाज महेंद्रगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आर्य समाज मन्दिर महेंद्रगढ़ के पावन प्रांगण में लोकमंगल के लिए, जन-जागरण के लिए, वातावरण के परिशोधन के लिए साप्ताहिक यज्ञ एवं सत्संग बृहस्पति शास्त्री के ब्रह्मत्त्व में, पंडित भूपेन्द्र सिंह आर्य के पुरोहित्त्व में  तथा आर्य समाज के कोषाध्यक्ष एडवोकेट मानव आर्य जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर यजमान रहे।
तदोपरांत डॉ राजीव यादव रीजनल मैनेजर बुचोली  के पिता स्वर्गीय श्योचंद जी की आत्मिक शांति हेतु 2 मिनट का मौन रखा गया तथा भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर  शत-शत नमन किया।
डॉ विक्रांत डागर  ने अपने उद्बोधन मे कहा की  यज्ञ सर्वोत्तम कर्म है, सर्वोत्तम कर्म करके ही हम जीवन में सर्वोत्तम बन सकते हैं।यह सिर्फ एक धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि एक सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया भी है जो व्यक्ति और समाज दोनों के लिए कल्याणकारी है। यज्ञ वातावरण को शुद्ध करता है, शरीर को स्वस्थ रखता है, और मन को शांति देता है।यज्ञ के द्वारा देवताओं को प्रसन्न किया जाता है, जिससे मनुष्य को सुख, समृद्धि और सद्गति प्राप्त होती है तथा समाज में एकता और सहयोग की भावना बढ़ती है।
डॉ प्रेमराज आर्य ने कहा कि  यज्ञ में दिए जाने वाले दान और आहुतियां समाज में धन के प्रवाह को बढ़ाते हैं। दिया हुआ दान और किया हुआ कर्म कभी निष्फल नहीं होते। यज्ञ  के माध्यम से लोगों में लोक कल्याण की भावना जागृत होती है और वे दूसरों की भलाई के लिए काम करने के लिए प्रेरित होते हैं। आज विश्व का प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण के प्रदूषण को लेकर चिन्तित है।
यज्ञ  निस्वार्थ भावना से प्राणीमात्र के कल्याण को ध्यान में रखकर किये जाने वाला कर्म  हैं। राज्य में अराजकता तभी फैलती है जब यज्ञ भावना अर्थात् मिल बाँट कर खाने की भावना को कुचल कर राक्षसी प्रवृत्तियाँ फलती फूलती हैं।हमारा भारतीय इतिहास तो यज्ञ भावना से भरा हुआ हैं।
डॉ सुरेंद्र कुमार आर्य ने कहा कि जैसे धरती में एक बीज डालें तो हज़ार गुणा धरती वापिस देती है। हवन आकाश में ब्रह्मणड में बोया जाता है।जिसे ब्रह्मांड के देवता उसे लाखों गुणा करके  वापिस देते है। यज्ञ ऐसी उपासना जिसका लाभ हर जीव वनस्पतियों और मनुष्यों को मिलता है।इसलिय हम सबको यज्ञ नित्य प्रति करना चाहिए।
इस अवसर पर केसर आर्या, पुष्पा शास्त्री,रानी आर्या, बीर सिंह मेघवनवास, महेंद्र दीवान,डॉक्टर आनंद कुमार, दीपक आर्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top