नारनौल,21 जुलाई (परमजीत सिंह/गजेन्द्र यादव)।
जिला बाल संरक्षण इकाई व सेवा संस्था के संयुक्त तत्वाधान में 30 जुलाई को होने वाले विश्व मानव दुर्व्यापार दिवस कार्यक्रम के उपलक्ष में 15 से 30 जुलाई तक जिला में चलाए जा रहे बाल तस्करी रोकथाम विशेष अभियान के तहत आज रेलवे स्टेशन नारनौल पर एक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य गणेश कुमार ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत कर लोगों को जागरूक किया। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य गणेश कुमार ने आमजनों रेलवे कर्मचारियों व अन्य आसपास के लोगों को बाल तस्करी की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में रेलवे स्टेशन, रेलवे पुलिस फोर्स, एंटी हयूमैन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रतिनिधियों ने बारी बारी से बाल तस्करी की आमजन को जानकारियां प्रदान की। उपनिरीक्षण व इंचार्ज रेलवे पुलिस र्फोस सेवा संस्था के इन्चार्ज ने आम नागरिकों को ट्रेनों के माध्यमों से मानव तस्करी के बारें में बताया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी संदीप कुमार ने तस्करी से सम्बन्धित विशेष कानूनी व उनके तहत दोषियों की सज़ाओं के बारे में जानकारी दी। सेवा संस्था के कोर्डिनेटर सुभाष ने बातया कि किस प्रकार से तस्कर दूसरे प्रदेशों से बच्चों को लाकर हमारे जिले में उनकी सप्लाई करते हैं, जहां पर बच्चों को दुकानों, घरों, औद्योगिक व अन्य ईकाईयों में लगा दिया जाता है और बच्चों का शौषण होना शुरु हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि हमारी संस्था बच्चों को तस्करी से मुक्त करवा उनके पुनर्वासन पर कार्य कर रही है जिसमें प्रशासन का डीसीपीयू ईकाई, जीआरपी थाना, एएचटीयू व रेलवे पुलिस फोर्स, नारनौल भरपूर सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर बच्चे ट्रेनों के माध्यमों से शहरों में पहुंचाए जाते हैं, इसलिए तस्करी में फसें बच्चों को तस्करी से मुक्त करवाने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आमजन को संदेश देते हुए बताया कि इस प्रकार से कोई अगर आपको कोई बच्चा संदेह में दिखाई देता है तो तुरंत प्रभाव से चाइल्ड हैल्पलाइन नम्बर 1098 पर कॉल करें ताकि बच्चे को तस्करों के चंगुलों से बचाया जा सकें।
बाल कल्याण समिति के सदस्य ममता शर्मा, कुमुदनी श्रीवास्तव के अलावा सेवा संस्था के प्रतिनिधि मोहित, नीलम, जिला बाल संरक्षण के कार्यालय से सन्तोष व गरीमा के अलावा यात्री मौजूद थे।
#newsharyana
