प्रशिक्षित मध्यस्थ विवाद सुलझाने में करेंगे मदद
कोर्ट में नहीं अब गांवों में ही सुलझेंगे आपसी विवाद
नारनौल, 28 जुलाई (परमजीत सिंह/गजेन्द्र यादव)।
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी दिशा निर्देशानुसार व जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र सूरा के मार्गदर्शन में गांव बापड़ोली में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र खोला गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने बताया कि जिन मुकदमों एवं दरखास्तों में मध्यस्थता के माध्यम से विवाद समाप्त होने की संभावना है, उन मुद्दों एवं दरखास्तों को सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के समक्ष रखा जाएगा। आमतौर पर देखा जाता है कि छोटी-छोटी बातों को लेकर हुए विवाद अदालत तक पहुंच जाते हैं जिनका कई सालों तक केस चलता रहता है। अब ऐसे केस अदालत में जाने की बजाय सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र में जाएंगे और केंद्र की टीम मध्यस्थता कर दोनों पक्षों में सुलह करवाने का काम करेगी।
उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर प्रदेश के हर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिला में प्रथम चरण में गांव बापड़ोली में इसकी शुरुआत की गई है। इस सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में दो पक्षों में होने वाले छोटे-छोटे मामलों जैसे नाली विवाद, गली विवाद, प्लाट, जमीन को लेकर विवाद, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, पति-पत्नी का विवाद, आपसी झगड़ों का विवाद को आपसी मध्यस्थता करके विवाद समाप्त होने की संभावना है, ऐसे मामलों का निपटारा करना है।
#newsharyana
