कनीना, 15 अगस्त (परमजीत सिंह/शैलेन्द्र सिंह)।
आर्य समाज गाहड़ा के प्रधान रामेश्वर दयाल शास्त्री की अध्यक्षता में 79वां स्वतंत्रता दिवस साहस और शौर्य के प्रतीक रूप में बड़े उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों के अमूल्य बलिदान को नमन करते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के उपरांत पूर्व सैन्य अधिकारी कप्तान छाजूराम यादव के 85वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में उनके पुत्र एवं पोत्रादिक ने महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा वर्णित पंच महायज्ञों में से पितृ यज्ञ के अंतर्गत जीवित माता-पिता की सेवा हेतू वैदिक यज्ञ एवं सत्संग का भव्य आयोजन किया। यज्ञ का उद्देश्य आध्यात्मिक उन्नति, प्राकृतिक शुद्धि, युवाओं में नैतिक मूल्यों एवं संस्कृति के प्रति सम्मान और सर्वकल्याण की भावना को जागृत करना रहा।
मुख्य यजमान सुरेंद्र गाहड़ा एवं सहधर्मिणी सरोज देवी, रजत यादव एवं सहधर्मिणी प्रीति यादव रहे। वैदिक विधि-विधान से यज्ञ का संचालन पंडित धुरेंद्र आर्य एवं पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने किया। यज्ञ के दौरान गौशालाओं एवं आर्य समाज संस्थानों में दान देकर पुण्य अर्जित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर दयाल शास्त्री ने किया। समाज में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए कप्तान छाजूराम यादव को आर्य समाज द्वारा पगड़ी, महर्षि दयानंद रचित सत्यार्थ प्रकाश ग्रंथ और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि – “यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्म”, अर्थात यज्ञ करना सबसे श्रेष्ठ कर्म है, जो मानसिक व आत्मिक शांति के साथ वातावरण को भी शुद्ध करता है।
सुरेंद्र गाहड़ा ने इस अवसर पर अनुशासन, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 51 पौधे लगाए। यज्ञ के अंत में सभी के सुख, स्वास्थ्य एवं कल्याण की मंगल कामनाएं की गईं।
कार्यक्रम में बेगराज यादव, श्रीपाल सरपंच, राजवीर (पूर्व सरपंच), दारा सिंह (पूर्व सरपंच), सूबेदार मेजर नित्यानंद यादव, पंडित सुरेश कुमार, विकास कुमार, सूबेदार मेजर राम सिंह, कप्तान सुजान सिंह, मास्टर वेदपाल, परदेसी अनिल आर्य, सूबेदार सतवीर सिंह, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. राजपाल, डॉ. रणजीत, गौरीशंकर शर्मा, परमानंद शर्मा, विजय कुमार, ओमप्रकाश, इंदर कुमार, रामपत यादव, बालमुकुंद सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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