26 अगस्त को निःशुल्क दी जाएगी एल्बेंडाजॉल
2 सितंबर को होगा ‘मॉप-अप दिवस’
नारनौल, 19 अगस्त (परमजीत सिंह/गजेन्द्र यादव)।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के उपलक्ष में 26 अगस्त को 1 से 19 साल तक के सभी बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि नियंत्रण की दवा (एल्बेंडाजॉल) निःशुल्क दी जाएगी। इसी संबंध में आज नगराधीश डॉ मंगलसेन ने लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक ली।
सीटीएम ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में एक से 19 आयु वर्ग के 345395 बच्चों तथा 20 से 24 आयु वर्ग की 25461 जो महिलाएं गर्भधारण कर सकती हैं, उन महिलाओं को यह दवा दी जाएगी। इसमें 6 से 19 आयु वर्ग के 118628 निजी स्कूलों तथा 51573 राजकीय स्कूलों के बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा कॉलेज, तकनीकी संस्थाएं सलम एरिया तथा स्कूलों से छूटे हुए बच्चों के लिए लगभग 103434 का लक्ष्य है। वहीं 1 से 5 वर्ष तक के 71760 बच्चे हैं, जिन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कवर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण के कारण बच्चों और किशोर-किशोरियों में कुपोषण और खून की कमी (एनीमिया) हो सकती है, जिससे वे हमेशा थका हुआ महसूस करते हैं। इसके अलावा, यह उनके संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास को भी बाधित करता है।
उन्होंने बताया कि जो बच्चे 26 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं ले पाएंगे, उनके लिए 2 सितंबर को एक ‘मॉप-अप दिवस’ आयोजित किया जाएगा। इस दिन छूटे हुए बच्चों को दवा अवश्य खिलवाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से वंचित न रहे।
नगराधीश ने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायती विभाग के अधिकारियों को इस अभियान के संबंध में जिम्मेदारियां सौंपी।
इस बैठक में सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, डॉ विजय यादव, डीडीपीओ हरिप्रकाश बंसल, तथा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन से अनिल शर्मा के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
एल्बेंडाजोल देते समय बरतनी जाने वाली सावधानियां:
- सही खुराक: बच्चों के लिए एल्बेंडाजोल की खुराक उम्र और वजन के हिसाब से अलग होती है।
- 1 से 2 साल के बच्चों को आमतौर पर 200 मिलीग्राम की आधी गोली दी जाती है।
- 2 से 19 साल के बच्चों को 400 मिलीग्राम की पूरी गोली दी जाती है।
- अगर बच्चा 20 किलोग्राम से कम वजन का है, तो भी उसे 200 मिलीग्राम की खुराक दी जा सकती है।
- अपनी मर्जी से खुराक न बढ़ाएं, क्योंकि इससे दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
- खाने का समय: एल्बेंडाजोल को हमेशा भोजन के साथ देना चाहिए। इससे दवा का अवशोषण बेहतर होता है और इसके दुष्प्रभाव कम होते हैं।दवा का रूप:
- दवा का रूप:
- छोटे बच्चों जो गोली निगल नहीं सकते, उनके लिए गोली को चूरकर या चबाकर पानी के साथ दिया जा सकता है।
- अन्य दवाएं: अगर आपका बच्चा कोई और दवा ले रहा है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें। कुछ दवाएं एल्बेंडाजोल के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैं।
- दवा का पूरा कोर्स: डॉक्टर द्वारा निर्धारित कोर्स को पूरा करना महत्वपूर्ण है, भले ही बच्चा बेहतर महसूस करने लगे। समय से पहले दवा बंद करने से संक्रमण दोबारा हो सकता है।
अतिरिक्त जानकारी:
- कृमि संक्रमण को रोकने के लिए, बच्चों को साफ-सफाई के बारे में सिखाना महत्वपूर्ण है। उन्हें नियमित रूप से हाथ धोने, खासकर शौचालय का उपयोग करने के बाद, और कच्ची या अधपकी सब्जियां और मांस न खाने की आदत डालें।
- एल्बेंडाजोल की गोली हर 6 महीने के अंतराल पर दी जाती है ताकि कृमि संक्रमण को रोका जा सके।
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