महेंद्रगढ़,22 अगस्त (परमजीत सिंह/शैलेन्द्र सिंह)।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ में शुक्रवार को ‘ग्रीनोवेशन ड्राइवः मेडिसिनल प्लांटिंग फॉर आंत्रप्रेन्योरियल इकोसिस्टम‘ विषय पर औषधीय पौधारोपण के लिए विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय जैवप्रौद्योगिकी विभाग, फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग एवं ’’इंस्टिट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी), हकेवि के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक खंड एक के समीप आयोजित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति एवं मुख्य संरक्षक प्रो. टंकेश्वर कुमार के मार्गदर्शन में तथा प्रो. सुनीता श्रीवास्तव, निदेशक, आईआईसी, हकेवि के संयोजन में आयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने अपने संदेश में भारतीय औषधीय पौधों की खेती से जुड़ी संभावनाओं एवं वैश्विक बाजार में उनकी वर्तमान मांग से प्रतिभागियों को अवगत कराया। प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को पौधारोपण एवं बागवानी की आदत विकसित करने हेतु प्रोत्साहित किया, जिससे वे स्वयं को स्वस्थ एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रख सकें। उन्होंने बताया कि पौधारोपण ड्राइव का उद्देश्य औषधीय पौधों के महत्व को रेखांकित करना था, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं बल्कि बायोटेक्नोलॉजी एवं फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता के अवसर भी प्रदान करते हैं।
विश्वविद्यालय के जैवप्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस पौधारोपण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान, प्रो. विपिन परिहार, डॉ. दिनेश कुमार, प्रो. रूपेश देशमुख, डॉ. हुमीरा सोनाह तथा डॉ. रवि कुमार सहित विश्वविद्यालय शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। उनकी सहभागिता ने विश्वविद्यालय की स्वस्थ एवं हरित कैम्पस वातावरण के निर्माण तथा विद्यार्थियों-शोधार्थियों को हरित प्रथाओं को उद्यमशील दृष्टिकोण से जोड़ने की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
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