महेंद्रगढ़,23अगस्त (परमजीत सिंह/शैलेन्द्र सिंह)।
हमारे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा,मान और सम्मान बचाए रखना तिरंगे को फहराएं जाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। आमतौर पर यह प्रथा बनती जा रही है कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तिरंगे झंडे को फहराया जाना देशभक्ति की भावना को दर्शाता है। आमतौर पर सार्वजनिक स्थानों,चौक,चौराहों,महापुरुषों की मूर्तियों को इन उत्सवों पर राष्ट्र के सम्मान और स्वाभिमान तिरंगे झंडे से सजाया और संवारा जाता है।
परन्तु आमतौर पर इन बातों की ओर ध्यान नहीं दिया जाता ऐसा ही उदाहरण महाराणा प्रताप चौक पर लगाए गए तिरंगे की अस्त व्यस्त व्यवस्था देखकर मिलता है।
राष्ट्रीय कलाकार एवं समाजसेवी विकास तिवाड़ी ने नगरपालिका प्रशासन,प्रशासनिक अधिकारियों व सामाजिक संस्थाओं से अनुरोध किया है कि भारत की ध्वज संहिता के अनुसार ध्वज को हमेशा गरिमा,निष्ठा और सम्मान के साथ देखना चाहिए।

शिक्षा विभाग से सहायक के पद से सेवानिवृत राकेश बाबू जी,राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार प्रमोद तिवाड़ी,जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य कमल सैनी,सोहन टैनी,दिनेश मेहता,अशोक जांगड़ा इत्यादि ने कहा कि ध्वज को जानबुझकर उल्टा नहीं लटकाना चाहिए।साथ ही ध्वज को जमीन और पानी से भी नहीं छूना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और आम जन से भी अनुरोध किया है कि वे राष्ट्रीय सम्मान दिवस के बाद तिरंगे को सम्मान के साथ उतार कर यथावत स्थान पर रखने का दायित्व निभाए, क्योंकि तिरंगा हम सबके स्वाभिमान का प्रतीक है। विकास तिवाड़ी ने शनिवार को महाराणा प्रताप चौक पर तिरंगे झंडों को यथावत स्थिति में सम्मान के साथ उतारने की परंपरा को निभाया।
