नई दिल्ली,23 अगस्त।
(स्टेट हैड हरियाणा परमजीत सिंह की रिपोर्ट )
केंद्र सरकार ने 20 साल या उससे अधिक पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन कर नई अधिसूचना जारी की है। इसके तहत पुराने वाहनों के नवीनीकरण शुल्क में भारी वृद्धि की गई है।
नया शुल्क ढांचा
- हल्के मोटर वाहन (LMV) के लिए शुल्क 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।
- मोटरसाइकिलों के लिए 1,000 रुपये से बढ़कर 2,000 रुपये देना होगा।
- तिपहिया और क्वाड्रिसाइकिलों के लिए शुल्क 3,500 रुपये से बढ़कर 5,000 रुपये तय हुआ है।
- आयातित वाहनों पर भारी शुल्क लागू होगा:
दोपहिया/तिपहिया: 20,000 रुपये
चार या अधिक पहियों वाले वाहन: 80,000 रुपये
ये नियम गजट अधिसूचना के प्रकाशन के साथ देशभर में लागू हो जाएंगे।
दिल्ली-एनसीआर में क्या होगा?
दिल्ली-एनसीआर में यह नियम लागू नहीं होगा। यहां पहले से ही 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर रोक है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह निर्देश दिया था कि अधिकारियों को केवल निर्माण वर्ष के आधार पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, बल्कि वाहन के वास्तविक उपयोग पर भी विचार करना चाहिए।
सरकार का तर्क
मंत्रालय का कहना है कि 20 साल से ज्यादा पुराने वाहन प्रदूषण और सड़क सुरक्षा दोनों के लिहाज से खतरनाक हैं। शुल्क बढ़ाने का उद्देश्य लोगों को पुराने वाहन सड़क से हटाने और नए, ईंधन-कुशल तथा प्रदूषण नियंत्रित वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
उपभोक्ताओं पर असर
20 साल पुराने चार पहिया वाहन का नवीनीकरण अब 10,000 रुपये में होगा, जो पहले 5,000 रुपये था।
आयातित वाहनों का नवीनीकरण खर्च 80,000 रुपये तक पहुंच सकता है।
ग्रामीण और छोटे कस्बों के वाहन मालिकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि वहां अब भी पुराने वाहन बड़ी संख्या में चलते हैं।
विशेषज्ञों की राय
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पर्यावरण और सड़क सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक है, लेकिन इससे मध्यम वर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का संदेश स्पष्ट है।पुराने वाहनों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाना आवश्यक है और बढ़ा हुआ नवीनीकरण शुल्क उसी दिशा में एक अहम कदम है।
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