एडीआर सेंटर में पुलिस अधिकारियों व लीगल एड डिफेंस काउंसिल के लिए कार्यशाला का आयोजन
नारनौल,न्यूज हरियाणा (परमजीत सिंह/गजेन्द्र यादव)।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी की अध्यक्षता में आज एडीआर सेंटर में पुलिस अधिकारियों व लीगल एड डिफेंस काउंसिल के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। इस मौके पर डीएसपी सुरेश कुमार भी मौजूद थे।
सीजेएम नीलम कुमारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (बीएनएसएस) के तहत गिरफ्तारी पूर्व व गिरफ्तारी पश्चात तथा जांच इन्वेस्टिगेशन की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) एक भारतीय अधिनियम है जो आपराधिक प्रक्रियाओं से संबंधित कानूनों को एकीकृत और संशोधित करता है, और इसने 1 जुलाई, 2024 को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (सीआरपीसी) को प्रतिस्थापित किया है। इसके तहत, सात साल या उससे अधिक के कारावास वाले अपराधों के लिए फोरेंसिक जांच अनिवार्य की गई है। इसमें सभी परीक्षण और कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक रूप से की जा सकती हैं, और फरार घोषित अपराधियों की अनुपस्थिति में भी मुकदमा चलाया जा सकता है।
इस अवसर पर डिप्टी लीगल एड काउंसिल जितेंद्र गुर्जर के अलावा पुलिस अधिकारी व पैनल अधिवक्ता मौजूद थे।
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