युवाओं के शैक्षणिक व पेशेवर विकास की दिशा में अग्रसर हकेवि

महेंद्रगढ़, 4 जुलाई (परमजीत सिंह/शैलेन्द्र सिंह/विष्णु शर्मा)।

-भारतीय ज्ञान परम्परा व सतत विकास के उद्देश्य भी सभी पाठ्यक्रमों में समाहित

भारत को वैश्विक स्तर पर आर्थिक व तकनीकी विकास के मोर्चे पर नेतृत्व क्षमता प्रदान करने के उद्देश्य से युवा शक्ति के विकास में निर्णायक राष्ट्रीय क्रेडिट रूपरेखा (एनसीआरएफ)/नेशनल हॉयर एजुकेशन क्वालीफिकेशंस फ्रेमवर्क (एनएचईक्यूएफ) के सभी दिशा-निर्देशों को हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ ने पूर्णतया लागू कर दिया है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद् की ओर से एनसीआरएफ व एनएचईक्यूएफ में वर्णित दिशा-निर्देशों को स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के स्तर पर आगामी सत्र 2025-26 से पूर्णतया लागू किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय इन बदलावों के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सभी प्रावधानों के क्रियान्वयन के मोर्चे पर अग्रणी विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित हो गया है। इन बदलावों के लागू होने से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा व श्रमशक्ति की उत्पादता व उपयोगिता भी न सिर्फ देश बल्कि वैश्विक मंच पर बढ़ेगी।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि 30 जून, 2025 को हुई शैक्षणिक परिषद् की 40वीं बैठक में विश्वविद्यालय में लागू एनईपी-2020 के अंतर्गत सत्र 2025-26 में एनसीआरएफ/एनएचईक्यूएफ के अनुरूप स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में बदलाव को मंजूरी दे दी गई है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा सभी पाठ्यक्रमों में एनसीआरएफ/एनएचईक्यूएफ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित बदलावों को नए सत्र से लागू किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से भारतीय ज्ञान परम्परा व सतत विकास के लक्ष्यों का प्राथमिकता के साथ समाहित किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा लागू व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, मल्टिपल एंट्री व एग्जिट, प्रायोगिक तथा बहुविकल्पीय अध्ययन के अवसर उपलब्ध रहेंगे।
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद् की ओर से मंजूर बदलावों से शैक्षणिक अध्ययन, कौशल विकास, वोकेशनल व प्रायोगिक अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक व प्रोफेशनल स्तर पर आवश्यक अनुभव अर्जित करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि नए बदलावों के बाद हकेवि देश भर में एनसीआरएफ/एनएचईक्यूएफ के दिशा-निर्देशों को पूर्णतया लागू करने वाला अग्रणी विश्वविद्यालय बन गया है। उन्होंने कहा कि अवश्य ही इन बदलावों के परिणाम स्वरूप शैक्षणिक कौशल के साथ-साथ विद्यार्थियों में पेशेवर कौशल के संयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा।

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