“राष्ट्र के लिए मध्यस्थता” राष्ट्रव्यापी    अभियान शुरू

नारनौल, 4 जुलाई (विष्णु शर्मा/गजेन्द्र यादव)।
मध्यस्थता के जरिए सुलझेंगे लंबित मामले

न्याय तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने और अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करने के लिए 30 सितंबर तक एक बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता” नामक जन जागरूकता अभियान चलेगा। यह पहल हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों और जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा के मार्गदर्शन में की जा रही है।
इस अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से आज मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नीलम कुमारी ने एडीआर (वैकल्पिक विवाद समाधान) केंद्र में मीडिएटर्स के साथ चर्चा करके रणनीति तैयार की।
सीजेएम नीलम कुमारी ने बताया कि यह 90-दिवसीय गहन अभियान “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता” वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्यस्थता केंद्रों और अन्य वैकल्पिक साधनों के माध्यम से लोगों तक पहुंच बनाना है, ताकि भारतीय न्यायिक प्रणाली को और मजबूत किया जा सके तथा सभी के लिए न्याय सुनिश्चित हो सके। इसमें सभी मीडिएटर्स का अहम रोल रहेगा। ऐसे में सभी मीडिएटर्स पूरी मेहनत के साथ काम करते हुए इस अभियान को सफल बनाएं।
उन्होंने कहा कि अदालतों में लगातार बढ़ते मुकदमों के बोझ से छुटकारा पाने के लिए ये समझौते प्रणालियां बहुत उपयोगी साबित होंगी।

इन मामलों को सुलझाने में मिलेगी मदद

सीजेएम नीलम कुमारी ने बताया कि कई तरह के मामलों में आपसी समझौतों के आधार पर समाधान निकाला जा सकता है। इससे न्यायालयों से बोझ कम होगा।

* दुर्घटना दावा मामले

* घरेलू हिंसा मामले

* चेक बाउंस मामले

* प्रॉपर्टी (संपत्ति) मामले

* आपराधिक समझौता योग्य मामले

* उपभोक्ता मामले

* विभाग वसूली मामले

* भूमि अधिग्रहण मामले

* बेदखली मामले

* और अन्य उपयुक्त दीवानी (सिविल) व आपराधिक मामले।

अधिक जानकारी के लिए यहां करें संपर्क

सीजेएम ने बताया कि आम जनता “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता” अभियान, लोक अदालत और अन्य कानूनी जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी कॉल करके कानूनी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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